कहाँ छीपाये तू यशोदा मैया नटखट अपना लाल कन्हैया
कहाँ छीपाये तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण।।
कह छुपाये तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
ना दिखती है उसका गैया
ना दिखता तेरा छैल छबीला।।
कह छिपाए तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
ना खाए ना खाने दे मैया
खिजा खिजा के माखन इत्त उत् ।।
ऊधम मचाये ग्वालन संग मैया
एक सुने ना चले अपनी डगरिया।।
कहाँ छीपाये तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
मांग के खाए हमसे वो मैया
दे दे भर भर माखन गगरिया।।
संग में मिश्री भी दे दे रे मैया
क्यों खाली जाए रे हमरे प्यारे कन्हैया।।
कह छिपाए तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
देखे कन्हैया तो होवेरा सवेरा
भोले इस्से तो होवे अंधेरा।।
लाल तेरा है नटखट मैया
माने किसी की ना कृष्ण कन्हैया।।
कंहाँ छिपाए तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।
ना दिखती है उसका गैया
ना दिखता तेरा छैल छबीला।।
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण।।
कंहाँ छिपाए तू यशोदा मैया
नटखट अपना लाल कन्हैया।।


