कभी तो ज़िंदगी में राम को तुम याद करलो
प्रेम अगर धर्मा है तो सतधर्म किसका नाम है
प्रेम ही सीता राम है और प्रेम ही राधे श्याम है
पाप से पपियो ने कर दिया इन्हे बदनाम है।।
कभी तो ज़िंदगी में राम को तुम याद करलो
ये जीवन मोक्षा पा जाए कोई फरियाद करलो
ज़रा सा खर्चा जमा कर सफ़र के लिए।।
ज़िंदगी तेरी खुश्बू है उड़ जाएगी
जाने कब तेरी साँसे उखाड़ जाएगी।।
कौन देगा तेरा साथ संसार में
लोग लेते है बदला भी उपकर में।।
मत अभिमान कर इस सारे जान पेर
तोड़ा करले भरोसा तू भगवान पेर
कर दुआए दया की नज़र के लिए।।
कभी तो ज़िंदगी में राम को तुम याद करलो
ये जीवन मोक्षा पा जाए कोई फरियाद करलो
ज़रा सा खर्चा जमा कर सफ़र के लिए।।

