ज्वाला मैया भजन के द्वार ध्यानू करता पुकार
ज्वाला मैया भजन के द्वार ध्यानू करता पुकार
शीश माँ को चढ़ाया गजब हो गया।।
बिजली सी टूट कर मैया आई इधर
शीश ध्यानू का जोड़ा कमाल हो गया।।
वैष्णो मैया के दर बेचैन श्री धार
कन्या बनके जो आई थी मा उसके घर।।
तुमने दर्शन दिया भंडारा किया
भक्त की लाज रखली मगन हो गया।।
धन्ना सेठ का जब बेड़ा डूबने लगा
नाम ले ले के फिर वो तो रोने लगा।।
चमत्कार किया बेड़ा पार किया
तेरी महिमा जो देखी चकित हो गया।।
मैं भी आई हू मा भेट लाई हू माँ
तेरी कृपा से दर्शन ये पाई हू माँ
तेरी ममता मिली ज्योत मान में
ज्ञान तूने दिया तो उजाला हुआ।।
ज्वाला मैया भजन के द्वार ध्यानू करता पुकार
शीश माँ को चढ़ाया गजब हो गया।।

