जयकारा वीर बजरंगी का

  • Jaikara Veer Bajrangi Ka

जयकारा वीर बजरंगी का
जयकारा सालसर के महाराज का
जयकारा मेहनदीपुर के धाम का।।

बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा।।

बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा
लटा पटा जी लटा पटा।।

एक हाथ खडताली बजे
दूजा वार मुद्रा में साजे

भक्ति का मान ना कभी घटा
मेरा मन हो गया लटा पटा
लटा पटा जी लटा पटा।।

बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा
लटा पटा जी लटा पटा।।

तन पे लाल लंगोटा सोहे
गदा टिहरी मनवा मोहे।।

अरे भूत प्रेत झट से दूर हटा
बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।

बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा।।

राम नाम की चादर ओधी
भक्त जनन की आस ना तोड़ी।।

राम दिखाए जब ह्रदय फटा
बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा।।

बजरंगबली की देख छटा
बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा।।

साजे है सिंदूर की लाल
अदा कमल सिंग हर एक निराली।।

लक्खा ने जब नाम रटा
बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा ।।

बजरंगबली की देख छटा
मेरा मन हो गया लटा पटा
लटा पटा जी लटा पटा।।

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