जय श्री राम जय जय श्री राम
जलने लगे है दीप अवध मे लगने लगे अब नारे है
कई बरसो के बाद सिया संग श्री राम जी पधारे है
कई बरसो के बाद सिया संग श्री राम जी पधारे है
मंदिर बना है पावन ऐसा धरा बनी है धाम बनी है धाम ॥
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम ॥
जग मग करती अवध की गलिया ढोल नगाड़े बाजे है
जय श्री राम जय जय श्री राम
जग मग करती अवध की गलिया ढोल नगाड़े बाजे है
पुरा हुआ वनवास प्रभु का सिंहासन मे विराजे है
संग विराजे सीता मईया
संग विराजे सीता मईया चरणो में हनुमान
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम ॥
पुरी दुनिया भगवा में रंगी भगवा ही हमने पूजा है
जय श्री राम जय जय श्री राम
पुरी दुनिया भगवा में रंगी भगवा ही हमने पूजा है
काशी मथुरा अयोध्या ही नही पुरा देश राम में डूबा है
शंख नगाड़े ढोल बजाके जुबान पे एक ही नाम ॥
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम
जय श्री राम जय जय श्री राम ॥

