जय बजरंग बाला अंजनी के लाला अजब तेरी महिमा है
जय बजरंग बाला
अंजनी के लाला
अजब तेरी महिमा है
कोई समझा ना कोई जाना।।
जय बजरंग बाला
अंजनी के लाला
अजब तेरी महिमा है
कोई समझा ना कोई जाना।।
बुलाये भक्त तेरा
ओह पवन पुत्र तू आजा
थाम ले हाथ मेरा
भक्ति का मान बड़ा जा।।
तुझे बटलौंगी मैं
सब दुख अपने मन के
तार दे भव सागर से
कश्त मीता जीवन के।।
एक तेरे दर्शन करने से
मिटे सब संकट जीवन से
भजले हनुमान को मन से
राम मिल जयेगा
भाव से तर जाएगा
दरश जब पायेगा
कष्ट मित जयेगा।।
जय बजरंग बल
अंजनी के लाला
अजब तेरी महिमा है
कोई समझौता ना कोई जाना।।
राम रस पीना पीना पीना हर दम पीना
राम के चरणों में ही तेरा मरना जीना
तेरी सूरत बजरंगी मान में बस लूंगी
तेरे चरणों में अर्पण जीवन मैं कर दूंगा
बाला बाला मैं रट लूंगा
मैं तेरी भक्ति कर लूंगा
तेरे चरणों में रह लूंगा
तू ही मेरा जीवन है
तू ही मेरी धड़कन है
तू तो मतवाला है
सबका रखवाला है।।
जय बजरंग बल
अंजनी के लाला
अजब तेरी महिमा है
कोई समझा ना कोई जाना
अजब तेरी महिमा है
कोई समझा ना कोई जाना
अजब तेरी महिमा है
कोई समझा ना कोई जाना।।


