जागो हे महामाई भवानी जागो हे महामाई,
पहली किरण सूरज की पड़ी माँ,
के नु शीश झुकाउ जागो हे महामाई।।
बाग़ बगीचों के फूल खिलाये,
चरनन फूल चड़ाउ भवानी ,
जागो हे महामाई।।
विद्या भगति कुछ न जानू,
दर्शन कैसे पाउ भवानी
जागो हे महामाई।।
हम परदेसी कुछ न जाने,
जाने न महिमा तुम्हारी भवानी ,
जागो हे महामाई।।