हमारे राम आए हैं

  • Humare Aaye Hai

मेरा घर आज महका है
जले हैं दीप चारों ओर
मेरे श्रीराम आए हैं
मेरे घर राम आए हैं ॥

सुमिरता नाम प्रभु का जो
उसी के काम बनते हैं
जो हर पल राम जपते हैं
वही भवसागर तरते हैं
लगन उनसे लगा बैठे
हमारे राम आए हैं ॥

कि जिसका नाम पत्थर पर
लिखें तो तैर जाते हैं
वही अयोध्या जाते हैं
जिन्हें भगवन बुलाते हैं
लगा लो प्रीत उनसे तुम
वही श्रीराम आए हैं ॥

धनुष भी पास रखते हैं
वो मर्यादा निभाते है
नज़र तिरछी अगर कर दें
समंदर सूख जाते हैं
कृपादृष्टि करें भगवन
मेरे आराध्य आए हैं ॥

बेर शबरी के जूठे थे
मगर भगवन ने खाए थे
अहिल्या मुक्ति पाई थी
दरश केवट ने पाए थे
हैं इतने कृपा सिंधु भगवन
हमारे राम आए हैं
मेरे घर राम आए हैं ॥

पिता की लाज रखते हैं
वचन अपना निभाते हैं
अहंकारी का बल तोड़ें
समुंदर पार जाते हैं
हमारे प्राण जिनमें हैं
वही श्रीराम आए हैं ॥

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