हम को भव सागर से करदो पार बालाजी
सुनलो अंजनी मां के प्यारे
विनती करते दास तुम्हारे
लेके आशा आएंगे तेरे द्वारे बालाजी
हम को भव सागर से करदो अब तो पार बालाजी।।
तुम तो पलछिन में करदेते धनवान हो
अपने भक्तो की मुश्किल को तुम करते आसान हो
तेरी भक्ति में ही खोके
फूल श्रद्धा के पिरोके
हम भी देखो लेकर आए हर बालाजी
देखो हार बालाजी
हम को भव सागर से करदो अब तो पार बालाजी।।
सारे जग को गुरु जानो ने तुमको अपना बनाया है
कोई भी दुख का दानव उनके निकत कभी ना आया है।।
दुखियो के ओ रखवाले तुमने सबके संकट तले
चुप खड़े हो क्यो हमारी बार बालाजी
हम को भव सागर से करदो अब तो पार बालाजी।।
जो निष्ठा के अंशु भाकर चरण तुम्हारे घोटा
हमें निर्दोश सांवली का तो बाल ना बनका होता है
बाल ना बांका होता है।।
रेहम हम्पर भी कुछ खाके
अब तो दया दरश बरसके।।
करदो हमारा भी सुखी संसार बालाजी
ओ तरण हार बालाजी
हम को भव सागर से करदो अब तो पार बालाजी
करदो अब तो पार बालाजी
ओ तरण हार बालाजी
हम को भव सागर से करदो अब तो पार बालाजी
सुनलो अंजनी मां के प्यारे।।
