हम कसम राम की खाते हैं मंदिर तो वहीं बनाएंगे
हम कसम राम की खाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
गायक – श्याम अग्रवाल
हम कसम राम की खाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
ना समझो को समझाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
अब हर हिंदू को जगाना है
तन मन और धन से लगाना है।।
हम किसी से ना घबराते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
हम राम शरद की कुर्बानी को
भूल कभी ना पाएंगे।।
उनकी बात दोहराते हैं
मंदिर तो वही बनवाएंगे।।
हम कसम राम की खाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
गैरो की ये जागीर नहीं
अब हमारे मन में धीर नहीं।।
दुश्मन को दुश्मन को
दुश्मन को ये बातलेट है
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
हम कसम राम की खाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
हर हिंदू का है ये सपना
अधिकार मिले हमको अपना
ये सोच के ये सोच के
ये सोच के हम हर्षते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
हम कसम राम की खाते हैं
मंदिर तो वहीं बनाएंगे।।
श्री राम से जिसको प्यार नहीं
उसे जीने का अहिकार नहीं।।
इस श्याम की इस श्याम की
इस श्याम की दिल की बाते है
मंदिर तो वहीं बनवाएं।।

