होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे
डालो रंग रसिया पे डालो रंग रसिया पे।।
बरसाने पे धूम मची है
उड़ता अबीर गुलाल डालो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
पाँच रंग पाग बँधी सिर जाके
अंखिया हुए रे गुलज़ार
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
साज धज आई राधा रानी
कर सोलह शृंगार
डरो रंग रसिया पे।।
भर पिचकारी कान्हा ने मारी
भीग गयी राधा की सारी
हो गयी ललाम लाल डरो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
सब सखियाँ मिल राधा आई
चुपके चुपके बात बनाई
कान्हा को पाकड़ो आज डालो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
सब मिल कान्हा को सखिया बनाओ
चूड़ी कंगना सारी पहनाओ और करो सोलह श्रीनगार
डालो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
भक्त प्रेम का रंग डालो कान्हा
अपना हमे बनलो कान्हा
खेलो हमारे संग फाग डालो रंग रसिया पे
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।
टोली के टोली जब मिल आए
मेरो मान भी ललचाए
मैं भी खेलु कान्हा संग फाग
होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे।।

