हरि शरण में ले लो द्वार तुम्हारे आयी हूँ

  • Hari Sharan Mein Le Lo Dwar Tumhare Aayi Hun

होठो पे शिकायत, आँखों में आंसू लायी हूँ-०२
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ-०२
होठो पे शिकायत, आँखों में आंसू लायी हूँ-०२
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ-०२
हरि मैं आयी हूँ, हरि मैं आयी हूँ, हरि मैं आयी हूँ,
द्वार पर आयी हूँ-०२
होठो पे शिकायत, आँखों में आंसू लायी हूँ,
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ।

डगमग डोल रही है नैया, दूर बहुत है किनारा,
सिवा तुम्हारे कोई नहीं है, दूजा मेरा सहारा,
दूजा मेरा सहारा-०२
बीच भंवर में आँखे मूंद के, मैं तो बैठ गयी हूँ,
कबसे भगवन, मैं तो रस्ता आपका देख रही हूँ,
रस्ता देख रही हूँ-०२
मन में है तो धीरज, पर मैं घबराई हूँ-०२
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ-०२

आ आ आ आ….
आ आ आ आ…

अपनों ने मुझे छोड़ दिया है, हर रिश्ता है तोड़ा,
किस रस्ते पर जाऊं, ऐसी डगर पे मुझको छोड़ा,
डगर पे मुझको छोड़ा, ऐसी डगर पे मुझको छोड़ा,
हार के इस दुनिया से, मैं तो आ गई द्वार तुम्हारी,
मेरा हाथ पकड़ लो आकर, जगत के पालन हारे,
जगत के पालन हारे, जगत के पालन हारे,
इस मतलबी दुनिया की, मैं तो ठुकराई हूँ-०२
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ-०२

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मैंने सुना है, भक्तों के लिए दौड़े हुए तुम आते,
भक्तों के लिए तुम तो भगवन, कभी ना देर लगाते,
कभी ना देर लगाते, कभी ना देर लगाते,
मेरी बारी आई तो, क्यों तुमने देर लगाई,
भक्तों की अर्जी के, क्या प्रभु होगी नहीं सुनबाई,
प्रभु होगी नहीं सुनबाई, प्रभु होगी नहीं सुनबाई,
इस दिल में हजारों, जख्म छुपाकर लायी हूँ-०२
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ-०२
हरि मैं आयी हूँ, हरि मैं आयी हूँ, हरि मैं आयी हूँ,
द्वार पर आयी हूँ-०२
होठो पे शिकायत आँखों में आंसू लायी हूँ,
हरि शरण में ले लो, द्वार तुम्हारे आयी हूँ।


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