ह्रदय सीता राम बाए
ह्रदय सीता राम बाए
कंधे अंजनी गदा उठाए
चले फ़र्ज़ निभाने को।।
हनुमानजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
ह्रदय सीता राम बाए
कंधे अंजनी गदा उठाए
चले फ़र्ज़ निभाने को।।
हनुमानजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
सब रामजी की है माया
उसने ही जगत रचाया।।
सब जानते है दुनिया मैं
पहले कौन धारा पे आया।।
है रामजी है हर युग में
सबको समझने को।।
हनुमानजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
है अयोध्या तो रघुवर की
जहा जन्मे राम रघुराई।।
इतिहास पूरन बताते है
फिर भी ना समझ ना आई।।
हे रामजी का जाग सारा
जान को बतलाने को।।
हनुमंजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
है राम के सच्चे सेवक
जाने ये सभी जमाना।।
चले राम की सेवा करने
देखो फिर से हनुमना।।
चले राम काज फिर करने को
लेके ध्वजा लहरने को ।।
हनुमानजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
अरे राम कुमार लक्खा
हनुमानजी के संग होले।।
करे राम काज रघुवंशी
अरे कुछ तो पुण्या कमाले।।
प्रभु पार करेंगे नैया
ले चल संग जमाने की।।
हनुमानजी चले अयोध्या
राम मंदिर बनवाने को।।
