हनुमत पास चले आना आकर दूर नही जाना
हनुमत पास चले आना
आकर दूर नही जाना।।
हनुमत पास चले आना
आकर दूर नही जाना।।
मेरे रामजी को साथ में ले आना
जनक सूता को ले आना
लखन लाल को ले आना
भरत दरश को ले आना।।
हनुमत पास चले आना
आकर दूर नही जाना।।
आए अयोध्या रघुराई
अवधपुरी में बाहर आई।।
कलियों ने घूँघट खोला
भौरा हंस हंस यू बोला
आज मिलेंगे मेरे रघुराई
अवधपुरी में बाहर आई।।
जगमग जगमग दीप जले
राम लखन से भारत मिले
भारत दरात से राम मिले
आगन में रिमझिम छायी
अवाधपुरी में बाहर आई।।
आए अयोध्या रघुराई
अवाधपुरी में बाहर आई।।
तू मेरे मन मोटी है
इन्न नैनन की ज्योति है
देख सभी को मन को भाए
अवाधपुरी में बाहर आई।।
आए अयोध्या रघुराई
अवाधपुरी में बाहर आई।।
