हम छठ करब
कहेली गौरा देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे कार्तिक मासे पड़ली वरत, हम छठ करबो ना-०२
कहेनी महादेव, सुनअ गौरा हमरो ना,
आहे कवन फल देलीं छठी मईया, छठ करबू ना-०२
कहेली गौरा देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे सेंदुर फलवा देलीं छठी मईया, छठ करबो ना-०२
कहेली पिंकिया देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे भुखबो छठ के वरतीया, कोसी भरबो ना-०२
कहेले पंकज देव, सुनअ धानी हमरो ना,
आहे काहे भुखबु छठ के वरतीया, कोसी भरबु ना-०२
कहेली पिंकिया देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे गोदिया बलका देहली छठी मईया, कोसी भरबो ना -०२
कहेली प्रतिमा देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे जोड़े फल सुपवे आदित्य के, अरघ देबो ना-०२
कहनी अशोक देव, सुनअ धानी हमरो ना,
आहे कवन-कवन कृपा करीहें आदित्य मल, अरघ देबहु ना-०२
और इसे भी सुनें: आवअ आवअ सुरुज देव रथवा सजवले हो
कहेली प्रतिमा देइ, सुनी स्वामी हमरो ना,
आहे रोगवा दुखवा हरिहें आदित्य मल, अरघ देबो ना-०३

