ग्यारस भूल गई
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
उठ के सवेरे मैंने चक्कियां चलाई-०२
सारे रे कुटुंब की रोटियां बनाई-०२
मैंने कर लिया सारा काम, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
संग के पड़ोसन मेरी आकर बैठी-०२
आसन बिछाया दोनों संग में बैठी-०२
मैं तो हंस-हंस करने लगी बात, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
शाम हुई जब हुआ रे अँधेरा-०२
सब्जी बनाई मैंने रोटियां बनाई-०२
मैंने दिनो कुटुंब जिमाय, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
रात हुई मैंने बिस्तर बिछाया-०२
सबको सुलाकर मैं भी सो गई-०२
मेरे पड़ते हीं लग गई आँख, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
यम के दूत मुझको लेने आये-०२
धर्मराज जी के जाए बिठाये-०२
मैं तो देख के गई घबराए, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
और इसे भी देखें: निर्जला एकादशी व्रतकथा
थोड़ा खाया मैंने, घना रे कमाया-०२
सारे कुटुंब का साथ निभाया-०२
मैं तो कुछ ना किया पुण्य दान, के ग्यारस भूल गई-०२
मैं तो भूल गई रे भगवान, के ग्यारस भूल गई-०२
