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गोकुल में रंग बरसे मैं सजके आई हू घर से

  • Gokul Mein Rang Barse Main Sajke Aayi Hu Ghar Se

गोकुल में रंग बरसे
मैं सजके आई हू घर से
प्यार में तेरे पागल बावारिया
रंगदे रंगदे रे कान्हा चुनरिया

सिंगर – खुश्बू तिवारी केटी

गोकुल में रंग बरसे
मैं सजके आई हू घर से
प्यार में तेरे पागल बावारिया
रंगदे रंगदे रे कान्हा चुनरिया

मुझको भी रंग लगड़े
चाहत मेरी पुरड़े
प्रीत की रीत रे कान्हा
ज़रा अब तो निबाड़े
तेरे बिना मैं अधूरी साँवरिया
रंगदे रंगदे रे कान्हा चुनरिया

करले कान्हा च्छेद खानी
मौसम भी है सुहानी
बाजादे तू मुरलिया
नचू मैं बन के दीवानी
सतरंगी कर्दे रे कान्हा घाघारिया
रंगदे रंगदे रे कान्हा चुनरिया

गोकुल में रंग बरसे
मैं सजके आई हू घर से
प्यार में तेरे पागल बावारिया
रंगदे रंगदे रे कान्हा चुनरिया

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