घर घर आज पधारो मेरे राजा राम
अवध ने चौदह बर्ष तक, बस एक आस सजाई,
आज राम के आने से, हर आँख दीप बन आई।
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
दीप जलें हैं प्रेम के, गूंजे सीताराम,
घर घर आज पधारो, मेरे राजा राम,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२
राज महल के द्वार खुले थे, सिर पर ताज सजाया,
पिता के वचन की खातिर, तुमने वन अपनाया,
संग चली सिया जनक दुलारी, संग चले लक्ष्मण भाई,
धर्म की राह निभाने को, हर सुख सुविधा ठुकराई,
त्याग तुम्हारा युग-युग चमके, अमर रहे तेरा नाम,
मर्यादा के दीप जलने वाले मेरे राम,
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२
नंदी ग्राम में भारत ने, प्रभु राज सुख नहीं अपनाया,
तेरी चरण पादुका को हीं, सिंहासन पर सजाया,
माँ कौसल्या की सूनी आँखे, राह तुम्हारी तकती थीं,
तेरे आने की आशा में, साँसे दीपक रखती थीं,
आज मिलान की बेला आई, धन्य हुआ संसार,
माँ को बेटा भाई को भाई, मिला आज फिर प्यार,
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२
नील मेघ सी श्यामल काया, मुख पर तेज निराला,
कमल नयन में प्रेम बसा है, रूप बड़ा मतवाला,
माथे चन्दन तिलक सुहाए, पीताम्बर लहराए,
सिया संग जब राम विराजे, तीनों लोक निहारे,
तेरी छवि के आगे फीका, जग का रूप तमाम,
बारम्बार नमन करूँ मैं, हे रघुपति श्री राम,
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२
शबरी की कुटिया में जाकर, प्रेम का मान बढ़ाया,
केवक की छोटी नैया में, चरणों को धुलवाया,
अहिल्या के पत्थर जीवन को, तुमने मुक्ति दिलाई,
दीन दुखी की पीड़ा हरकर, करुणा जग में बरसाई,
जिसने प्रेम से तुमको पुकारा, उसको दिया सहारा,
हे भक्तों के प्राण प्रभु, तूने सबको तारा,
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२
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दीप मेरे मन में भी, अपने नाम का धरना,
भटक रहा हूँ कबसे प्रभु, अब मुझको राह दिखाना,
मेरे घर में प्रेम रहे, और मन में रहे उजाला,
किसी दुखी की आँख में, आंसू ना हो राम दोबारा,
मेरे दोष क्षमा कर देना, इतनी कृपा महान,
तेरे चरणों में बीते प्रभु, मेरा सारा जीवन,
आज मेरे राम की आई, मंगलमय दिवाली,
चरण पड़े तो खिल उठी है, धरती की हर डाली,
दीप जलें हैं प्रेम के, गूंजे सीताराम,
घर घर आज पधारो, मेरे राजा राम,
श्री राम जय राम, जय जय राम-०२

