दुःख हर लेगी माँ नरम दिल है माँ का द्वारा सबकी मंजिल है
दुःख हर लेगी माँ नरम दिल है,
माँ का द्वारा सबकी मंजिल है,
दिल से पुकारो अम्बे माँ,
अम्बे अम्बे बोलो अम्बे अम्बे बोलो शेरावाली माँ,
नाम जपो तो तर जाओगे भक्तो दोनों यहां।।
सिर को झुकाके मांगलो तो
चाहे कोई न यहाँ से खाली जाएगा,
सारी मुरादे वो तो पायेगा,
हो कोई राजा या हो भिखारी
सब है सवाली माँ के आंगन में,
आस जगी है सब के मन में
झोलियाँ भरे गी अम्बे माँ,
अम्बे अम्बे बोलो अम्बे अम्बे बोलो शेरावाली माँ,
नाम जपो तो तर जाओगे भक्तो दोनों यहां।।
न कुछ तेरा न कुछ मेरा
क्या कुछ लेके कोई जायेगा,
सब कुछ यही पे रह जाएगा,
मैया का मंदिर ऐसा ठिकाना
पाप सभी के यह घुलते है,
भाग सबकी के यहा खुलते है,
प्रेम से बोलो अम्बे माँ,
अम्बे अम्बे बोलो अम्बे अम्बे बोलो शेरावाली माँ,
नाम जपो तो तर जाओगे भक्तो दोनों यहां।।
