दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
छोटी जेहि जिन्दगी कहानियां बी बहुत ने,
की होया मथो रूस गई ऐ झंडे वालिये,
मेरे उते तेरी मेहरबानीया वि बहुत ने,
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
रूसदी नही माँ कदे बचियाँ दे नाल ऐ,
हर पल बचियाँ दा रखदी ख्याल ऐ,
पर कदे कदे मेनू दस गई ऐ झंडे वालिये,
मेरे उते तेरी मेहरबानीया वि बहुत ने,
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
मणियाँ की सड़े च नादानियाँ वी बहुत ने,
छोटी जही जिन्दगी कहानियाँ वी बहुत ने,
की होया मेंथो रूस गई ऐ झंडे वालिये,
मेरे उते तेरी मेहरबानीया वि बहुत ने,
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
जग ठुकराया मेनू तू ते ठुकराई न,
वडे दिल वालिये दिल चो भुलाई न,
कोई नि मेरा दस केहड़े दर जावा मैं,
सुन्दा न कोई दस किह्नु सुनवा मैं,
दिल दियां गला मैं सुनानैयाँ ने बहुत ने,
छोटी जाही जिन्दगी कहानीया भी बहुत ने,
की होयां मथो रूस गई ऐ झंडे वालिये,
मेरे उते तेरी मेहरबानीया वि बहुत ने,
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
दुःख सुख धुप छा तेरे ही ने खेल माँ,
आपे ही विछोड़े चंचल आपे देवे मेल माँ,
कर्मा दे मारिया दे कर्म बना दयो,
अत्कियाँ बेड़ियाँ नु कंडे उते ला देयो,
धोल्दियाँ बेड़ियाँ पुरनियाँ वी बहुत ने,
छोटी जाही जिन्दगी कहानियां वि बहुत ने,
की होयां मथो रूस गई ऐ झंडे वालिये,
मेरे उते तेरी मेहरबानीया वि बहुत ने,
दुःख भी वथेरे परेशानियां भी बहुत ने,
