चोसठ जोगिनी रे देवी रे देवळिये रमजाय

  • chausath jogini re devi re devaliye ramjay

चोसठ जोगिनी रे देवी रे देवळिये रमजाय
घूमर घालनी रे देवी रे देवळिये रमजाय

हंस सवारी कर जगदंबा ब्रम्हाळ रूप बनायो
चार वेद मुख चार कहिजे, चार वेद जस गायो १ घूमर

गरुड़ सवारी कर जगदंबा विष्णु रूप बनायो
गदा पदम संग चक्र बिराजे, मधुबन रास रचायो घूमर

बैल सवारी चढ़ जगदंबा शिवजी रूप बनायो
जटा मुकुट मै गंगा बिराजे. शेष नाग लीपटायो घूमर

सिह सवारी कर जगदंबा शक्ति रूप बनायो
सियाराम जी करे हे स्तुति, भक्त मंडल जस गायो घूमर

मिलते-जुलते भजन...