चलो सारे चलो बालाजी के दरबार पे

  • Chalo Saare Chalo Balaji Ke Darbar Pe

चलो सारे चलो बालाजी के दरबार पे
दुख कट जाते जहां सारे संसार के
चलो सारे चलो बाबाजी के दरबार पे।।

सारे जग से बालाजी के डर की शान निराली है
दुख कलेश का नाम नहीं बस खुश हाली कुशल है
सदके जौ वारी जौ बालाजी के दरबार पे
चलो सारे चलो बालाजी के दरबार पे।।

सुंदर छवि है बालाजी की
ये द्वार मन को भाटा।।

मनोकामना पुरी हो जाए
यह जो भी चलके आता है।।

बाबा जी ना खाली मोड बिना किसी उपहार के
चलो सारे चलो बालाजी के दरबार पे।।

कर्मा रोपड़ वाला मेहंदीपुर
में शीश झुकता है।।

कमल किशोर बाबा की महिमा गाता है
बाबा की महिमा की गाता है।।

जलवा सारे न्यारे भक्तो
इस्स सच्ची सरकार के
चलो सारे चलो बालाजी के दरबार पे।।

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