चलो चलिए मात मचेला लगा चंडी माँ दा मेला
चलो चलिए मात मचेला
लगा चंडी माँ दा मेला
आया कर्मा वाला वेला
चलो माँ दे द्वार चलिए
जे भक्तो पाना माँ दा प्यार।।
चाँदी माँ दे दर दा नज़ारा
वेखी वेखी मान नहियो राजदा
मंदर माँ दा चमका मारे
जगमग जगमग सजदा।।
मैया भागता ने दर ते बुलवदि
झोली खुशिया ना भरवड़ि
चलो मा दे द्वार चलिए
जे भक्तो पाना मा दा प्यार।।
सोन महीना बड़ा भगा वाला भक्तो
पिंडी मा दे दर्शन करादो ओ।।
हर एक भागता माँ मचेला दर दे
नचदे गांडे जनदा ओ नचदे गांडे जनदा।।
मा दी नज़र है सबदे ते सवल्ली
ते जेडी बैठी मचेला दर वल
मा मचल दर चल्ली
चलो चलिए मात मचेला
जे भक्तो पाना मा दा प्याररोमांस
चाँदी मा दे दर दा मेला
आजब नज़ारे दिखड़ा ओ
जो भी इस मेले विच आवे
हर साल दर मा दे जनदा ओ
माँ दा दर्शन पंडा
मा दे लगडेने खुल्ले भंडारे
खांडे भगत ने मिल के सारे
मैं जावा मा दे द्वारे द्वारे वारे
चलो मा दे द्वार चलिए
जे भक्तो पाना मा दा प्यार
एक बार दरश दिखाई जेया
मेरी मा मचला वाली
घर मेरे फेरा पाइजा
मेरी मा चाँदी काली
माँ चाँदी काली
मचलवली बार्डर वाली
एक बारी दरश दिखाइजा
मेरी मा मचलवली

