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चले बराती भोलेनाथ की

  • Chale Barati Bholenath Ki

चले बराती, चले बराती-०२
चले बराती, बराती चले बराती-०२

माथे ऊपर तिलक लगा के, तन पे भस्म रमा ली,
भाल चन्द्रमा गंग शीश और गल में भुजंग सजा ली,
माथे ऊपर तिलक लगा के, तन पे भस्म रमा ली,
भाल चन्द्रमा गंग शीश और गल में भुजंग सजा ली,
भूत प्रेत सब नाचने लागे, भांग सभी को पीला दी,
मार मार के ख़ुशी से सारी आधी दुनिया हिला दी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
चले बराती, चले बराती।

ॐ मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
मङ्गलाय तनो हरिः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

भोलेनाथ ने भस्म उड़ा के,
भोलेनाथ ने भस्म उड़ा के, मस्ती अलग फैला दी,
संगी बृंगी संग में नंदी, नाचे देव फौलादी,
ऐसी लहर की गली गली में, आ गयी जैसे आंधी,
चाँद सितारे पर्वत नदियां, झूमी हर एक वादी,
देवाधि महादेव की डमरू थाप से, सारी दुनिया हिला दी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
चले बराती, चले बराती,
चले बराती, बराती चले बराती।

और इस भजन को भी देखें: हर रात्रि शिवरात्रि है

ऐसी रात ना फिर से होगी आदि शक्ति की शादी,
योगीराज शंकर ने अपनी छोड़ दी आज समाधी,
ऐसी रात ना फिर से होगी आदि शक्ति की शादी,
योगीराज शंकर ने अपनी छोड़ दी आज समाधी,
गृहस्त जीवन में जीने जा रहे, गौरा संग अनादि,
बड़ी सरलता से जीवन में, प्यार की रीत सीखा दी,
पूरन कर दिया पार्वती को, प्रेम की डोरी बांधी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
तीन लोक के राजा शिव जी, करने चले हैं शादी,
चले बराती चले बराती, भोलेनाथ की शादी,
चले बराती, चले बराती।

ॐ मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरीकाक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
मङ्गलाय तनो हरिः, मङ्गलाय तनो हरिः॥


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