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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

विविध भजन

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मन को पावन करदो गंगा

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तेरी निर्मल पावन धार माँ करती सब का उधार माँ

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मेरी नैया में लक्ष्मण राम गंगा मैया धीरे बहो

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गंगा मैया में जब तक ये पानी रहे

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मानो तो मैं गंगा माँ हूँ

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जिस भजन में राम का नाम ना हो

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महाकाल की किरपा से सब काम हो रहा है

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करलो करलो चारो धाम, मिलेंगे कृष्ण, मिलेंगे राम

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जगदीश ज्ञानदाता सुख मूल

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नाम हरि का जपले बन्दे फिर पीछे पछतायेगा

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