ब्रिज की गली-गली में शोर आयो-आयो माखन चोर

  • Braj Ki Gali Gali Mein Sohor Aayo Aayo Maakhan Chor

चाहु दिश चाहु और
ब्रज में हो गायो ऐसा हल रे
नंद के घर आनंद है प्रगति
जयो यशोदा ने लल्ला रे ।।

ब्रज की गली गली में शोर
आयो आयो माखन चोर

ब्रज की गली गली में शोर
आयो आयो माखन चोर

नंद भवन में आनंद बरसे
नन्द यशोदा को मनवा हर्षे

आनंद को और ना छोड़
आयो आयो माखन चोर
आयो आयो माखन चोर

ब्रज की गली गली में शोर
आयो आयो माखन चोर

नंद के आनंद भयो
जय कन्हैया लाल की
हाथी दीन्ही घोडा दीन्ही
और दीन्ही पालकी

यशोदा ने लाला जयो
जय कन्हैया लाल की
दाऊजी को भैया भयो
जय कन्हैया लाल की

नंद के आनंद भयो
जय कन्हैया लाल की

बाज उठी मंगल शहनाई
जनम लिया है कुंवर कन्हाई
और कूहके कोयल पपीहा मोर
आयो आयो माखन ।।

ब्रज की गली गली में शोर
आयो आयो माखन चोर

ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर,
आयो-आयो री आयो री आयो माखन चोर।।

मथुरा से इक चोर है आया, चोर जेल से भाग कर आया,
मामाजी से चोरी आया, सांकल कुंडे तोडकर आया,
आधी रात मथुरा में काटी, गोकुल में मच गया शोर
ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर।।

चोर भी कारो रैन भी कारी, धन्य-धन्य मेरे कृष्ण मुरारी,
तेरी लीला अजब कन्हाई, बाबा को चोरी सिखलाई
चोरो के सिर में मोर,
ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर।।

3वासुदेव ने कदम बढाया, यमुना ने है फ़न फ़ैलाया,
पैर को छू के नीचे आई, धन-धन हो गई यमुना माई
जाओ कान्हा जी जाओ यशोदा मां के पास,
ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर।।

यशोदा मां ने गले से लगाया, बदले में उसके लडकी ले आए,
सोए पडे है पहरेदार, जाओ बाबा अपने द्वार
जाओ बाबा जी जाओ देवकी मां के पास,
ब्रिज की गली-गली में शोर, आयो-आयो माखन चोर।।

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