भरदे रे साई झोली भरदे

  • bharde re sai jholi bharde

भरदे रे साईं झोली भरदे ,भरदे
ना बहलाओ बातों में ……

दिन बीते बीती राते अपनी कितनी हुई रे मुलाकाते,
तुझे जाना पहचाना तेरे झूठे हुए सारे वादे,
भूले रे साईं तुम तो भूले क्या रखा है बातो में,
भरदे रे साईं झोली भरदे…..

नादान हैं,अनजान है,बाबा तू ही मेरा भगवान
तुझे चाहूँ,तुझे पाऊँ,मेरे दिल का यही अरमान है
पढ़ले रे साईं दिल की पढ़ले ,पढ़ले सब लिखा है आँखों में
भरदे रे साईं झोली भरदे….

मेरी नैया,ओ बाबा पार कर दे तू बनके खिवैया
मैं तो हार,गम का मारा,आजा -आजा ओ मेरे बाबा
लेले रे साईं अब तो लेले ,लेले मेरा हाथ हाथों में
भरदे रे साईं झोली भरदे…..

तू है मेरा मैं हूँ तेरा,मैंने डाला तेरे दर पर डेरा
मुझे आस है विश्वास है बाबा भर देगा दामन मेरा
झूमें रे बाबा भक्त झूमे तेरी बाहों में
भरदे रे श्याम झोली भरदे ,भरदे
ना बहलाओ ,बातों में

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