भर दो झोली बजरंगबली मेरी
भर दो झोली बजरंगबली मेरी,
तेरे दर से ना जाऊ गा खाली।।
दू वधाई मैं माँ अंजनी को
जन्म दिया जो हनुमान जी को,
सब की बाबा बनाते हो बिगड़ी
मैं भी आया हु सवाली,
भर दो झोली बजरंगबली मेरी।।
इक वार हनुमत जी मुझको देखो
तेरा दीवाना मैं हो गया हु,
खोजता हु मैं तुमको फिर रहा हु,
तेरे दर्शन को मैं तड़प रहा हु,
दूर करदे तू मेरी अब तो निराशा
कर दे कर दे मेरी पूरी आशा,
अब तो कर्म करदो मुझपे
बाला जी जरा सा,
जब तलक तू सुने न मेरी
तेरे दर से ना जाऊगा खाली,
भर दो झोली बजरंगबली मेरी।।
जनता है तू क्या है मेरी आरजू,
देखना चाहता हु तुझे रुब रूह,
मेरी फर्याद स्वर्ग जायेगी
आत्मा में मोती हिल जायेगी,
फिर तो बाबा तुम्हे दया आएंगे
ना करो देर बाबा अब इक पल की,
तेरे दर से मैं ना जाऊ इक पल खाली,
भर दो झोली बजरंगबली मेरी।।
