भजले राम नाम अर्जेंट
भैया कैया देर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट।।
भैया कैया डेर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट।।
काम क्रोध मद लोभ मोह के
खुल रहे रेस्टोरेंट
खले पीले मौज उदले
करना है भुगतान
मुश्किल हो पेमेंट।।
भैया कैया डेर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट।।
कोट पेंट और टोपी लगा
हम बन रहे उपतोदते
सारा नाटक भूल जाएगा
सुन उसका फैसला।।
भैया कैया देर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट
भजले मलिक ने तत्काल।।
ये भी मेरा वो भी मेरा
मेरा मेरा मेरा मेरा
पुरा मेरा बादिया मेरा
ये भी मेरा वो भी मेरा
हो रहा विकास
पता नहीं ये जीवन का
कब हो जाए हादसा।।
भया काया देर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट।।
आना जाना चलता रहता है
कोई ना स्थायी
आगे पीछे धीरे धीरे
सब दुनिया को जानो सौ प्रतिशत।।
भया कैया देर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट
राम नाम अर्जेंट भजले
राम नाम अर्जेंट ।।
कहे गुरुजी सुन चेला
क्यों कर रहा प्रबंधन
एक दिन ऐसा आओगो
तेरा उखड़े तंबू टेंट ।।
कहे गुरुजी सुन चेला
क्यों कर रहा प्रबंधन
एक दिन ऐसा आओगो
तेरा उखड़े तंबू टेंट।।
भैया कैया देर लगावे
भजले राम नाम अर्जेंट
भजले मलिक ने अर्जेंट।।

