भज रे मन श्री रामायण के राम को
सुबह दोपहरी शाम को
भज रे मन तू भज रे मन
श्री रामायण के राम को।।
पावन पतिति है उत्तम है ये
श्री राम नाम सरोवत्तम है।।
राम चरित मानस मन भझले
करले शुभ काम को।।
भज रे मन तू भज रे मन
श्री रामायण के राम को।।
राम नाम अमरत्व भरा है
ज्योत जलाले तू राम नाम की
जाएगा सुर धाम को।।
तू भज रे मन तू भज रे मन
श्री रामायण के राम को।।
रामायण निज नारायण है
नारायण हाय रामायण है।।
रामायण का पथ ही तुमसे
मिलवाएगा श्री राम को।।
भज रे मन तू भज रे मन
श्री रामायण के राम को
सुबह दोपहरी शाम को।।
