भगत कोई रोंदा होवेगा

  • bhagat koi ronda hovega

बाबा करले तू इतनी नजर भगत कोई रोंदा होवेगा,
आया होगा वो हार के वो डगर
भगत कोई रोंदा होवेगा,

सुबह शाम रात दिन बस याद करे तुझको,
मेरा बाबा है दयालु वो तो बोलता है सब को
तुझसे लागि है इसको लगन भगत कोई रोंदा होवेगा,

उसकी अखियां है गिल्ली बस तक दी है तनु,
भगति में शक्ति लिए है तकती है तनु,
बाबा तोड़ो न तुम उस का जिगर,
भगत कोई रोंदा होवेगा,

तू है हारे का सहारा बाबा जग सारा कहंदा,
तेरे पे भरोसे कोई दुखियाँ न रेह्न्दा,
ये दुखियाँ ये धागा है उधर भगत कोई रोंदा होवेगा,

मिलते-जुलते भजन...