बस इतना चाहता हूँ
बीच भंवर में छोड़ ना जाना, बस इतना चाहता हूँ,
मांझी बनकर पार लगाना, बस इतना चाहता हूँ,
बाबा बस इतना चाहता हूँ, कान्हा बस इतना चाहता हूँ।
श्याम, मेरे श्याम…
मेरे श्याम, मेरे श्याम…
सुख हो चाहे दुःख हो बाबा, बस इतना हीं कहना है
जैसी भी हो घड़ियाँ मेरे, हर पल साथ में रहना है,
मुझको अपनी शरण में रखना,
मुझको अपनी शरण में रखना, बस इतना चाहता हूँ,
कान्हा बस इतना चाहता हूँ, बाबा बस इतना चाहता हूँ।
दुनिया के रिश्तों से बाबा, मेरा भरोसा टूट गया,
गर्दिश के दिन आये जब जब, हर अपना हीं छूट गया,
साथी बनकर साथ निभाना,
साथी बनकर साथ निभाना, बस इतना चाहता हूँ,
बाबा बस इतना चाहता हूँ, कान्हा बस इतना चाहता हूँ।
इस लोकप्रिय भजन को भी देखें : फूलों से सज रहे हैं खाटू के श्याम जी
हम तो हैं नादान ओ बाबा, भूल कभी जो हो जाए,
गलती का एहसास कराना, फिर माफ़ी मुझे मिल जाए,
सन्नी के हर भूल भुलाना,
सन्नी के हर भूल भुलाना, बस इतना चाहता हूँ,
कान्हा बस इतना चाहता हूँ, बाबा बस इतना चाहता हूँ,
बीच भंवर में छोड़ ना जाना, बस इतना चाहता हूँ,
मांझी बनकर पार लगाना, बस इतना चाहता हूँ,
कान्हा बस इतना चाहता हूँ, बाबा बस इतना चाहता हूँ।

