बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
कमल रघुनंदन कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
जिनकी कृपा सकल सुख सम्पति
पावत जन भक्तन मोरी चंदन।।
बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
अवधपुरी प्रभु नित्य विराजत
जनक सुता युता दुष्ट निकंदन।।
बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
तीन तप और जन्म मरन भाया
दूर करत क्षण में जन निरंजन।।
बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
निष दिन नमत चरणन मे भागवत
कृपा करि सेवक भाय भंजन।।
बंदो चरण कमल रघुनंदन
बंदो चरण कमल रघुनंदन।।
