बाला जी पूंछ तुम्हारी

  • Balaji Poonch Tumhari

बाला जी पूंछ तुम्हारी,
दिखने में छोटी सी
लेकिन काम करे ये भारी,
बाला जी पूंछ तुम्हारी।।

जब असुरो ने रोका
तुम को वन अशोक के अंदर,
इसी पूंछ में लिपटाये
और मारे कई धुरंधर,
बाला जी पूंछ तुम्हारी,
सब की छूटी कर डाली,
ये बाला जी पूंछ तुम्हारी।।

रावण ने दरबार में
तुम को दिया न कोई आसान,
पूंछ ने उचा रावण से
तेरा बना दिया सिंहाशन ,
बाला जी पूंछ तुम्हारी,
देखते रह गए दरबारी,
बाला जी पूंछ तुम्हारी,

गुसाई असुरो ने जब तेरी
पूंछ में आग लगा दी,
इसी पूंछ से जला के
सारी लंका खाख बना दी,
बाला जी पूंछ तुम्हारी,
रावण पे पड़ी भारी
बाला जी पूंछ तुम्हारी।।

बाल ब्रह्मचारी हो
और तुम शंकर के अवतारी,
सोनू तेरी पूंछ विराजे पार्वती माँ प्यारी ,
बाला जी पूंछ तुम्हारी,
माँ गोरा की अवतारी
बाला जी पूंछ तुम्हारी।।

मिलते-जुलते भजन...