बजरंगी जैसा तो कोई नही है
बजरंगी जैसा तो कोई नही है
दुष्टो पे इनकी गदा जब चली है
तर तर सभी इनके आगे बालाए
सारी सुमिरन से भागे
और काहु क्या आगे बालाए
सारी सुमिरन से भागे
बोल बजरंगबली की जय।।
अंजनी का लाला है सबसे निराला है
महिमा सभी से निराली है
शंकर का अनसाज है
केसरी का वनसाज है
तेरी चाहि सबसे प्यारी है।।
तेरा नाम प्यारा है
तू राम भक्त कहलाए
सीता का दुलारा है।।
राम भजन रस पीते हो हरदम
राम को प्यारे हो तुम तो भारत सम
और काहु क्या आगे बालाए
सारी सुमिरन से भागे ।।
उड़ते पवन में खुले गगन में
घर से जो निकले सूरज को निगले
ऐसे थे बचपन में बलकारी
सब देव आए थे तुमको मनाए थे
विनती करे तुमसे विनती करे तुमसे
विनय कर छुड़ाए थे।।
राम सिया को तुमने दिल में बसाया
भक्ति मतलब तुम्ही ने बतलाया
और काहु क्या आगे बालाए
सारी सुमिरन से भागे।।
मुश्किल घड़ी थी आफ़त पड़ी थी
कैसे राम उस प्यारे को
पर्वत उठाकर उठाकर बूटी दिलाकर
जब तीर लगा लखन वीर को।।
पल की देर ना करते सारे कष्ट हारते
तेरे भरोसे हम भी संकट से ना डरते
सुनले बिसारिया तू सच तो यही है
हनुमान जैसा तो कोई नही है
और काहु क्या अब आगे बालाए
सारी सुमिरन से भागे।।
