बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना
बाल बुद्धि विद्या में तुमसे
पार कोई ना पाए
कैसे कैसे सिया राम के देखो
तुमने काम बनाए।।
माता अंजनी के प्यारे
श्री राम की आँख के तारे
ओ वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना
बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना।।
श्री राम दूत बन आया
सीता का पता लगाया
एक मुक्के में अक्षय को
तुमने याम लोक पठाया।।
लंका में आग लगाई
लंकेश की शान घटाई
तुम हो शक्ति की ख़ान
तुम्हारा क्या कहना
बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना
ओ बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना।।
