बजरंग को राम का नशा है बजरंग मुझमें बसा है

  • Bajrang Ko Ram Ka Nasha Hai Bajrang Mujhme Basa Hai

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है
जय श्री राम जय श्री राम।।

गायिका- आयशा वर्मा

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है
जय श्री राम जय श्री राम।।

बजरंग जब राम बोले
भक्ति सर चढ़ कर बोले
भक्ति का अपना माजा।।

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है
जय श्री राम जय श्री राम।।

पल में ये हारते है
दुखड़े सभी के।।

तेरी भक्ति में जीते
राम में आया प्रीति
दुनिया फिर कुछ भी बोले
तेरी ही धुन में रहती हैं

बजरंगी सोने वाले
सारी सृष्टि सम्भाले
काल भी तुमसे डर है

भूत पिशाच निकत नहीं आवे
महावीर जब नाम सुनावे

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है
जय श्री राम जय श्री राम

जय जय पवन पुत्र
जय जय पवन पुत्र
जय श्री राम जय श्री राम

देवो में देव निराला जप्ता
सिया राम की माला
भक्तो में भक्त निराला
माता अंजनी का लाला।।

कान कान में तुही बसा है
सूक्ष्म रूप धर सिया ही दिखावा
विकट रूप धर लंका जरावा

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है

वेदो के ग्याता हो तुम
भाग्य विधाता हो तुम

दुनिया तेरी दीवानी
राम दीवाना हो तुम

आशा तेरे गुण गाये
तेरे ही भजन सुनाए
तुमसे ही संकट काटा है

संकट कटे सब मिते सब पीरा
जो सुमिरे हनुमत बल वीरा

बजरंग को राम का नशा है
बजरंग मुझमें बसा है।।

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