बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार

  • Baba Vishvkarma Ki Mahim Aprampaar

जय विश्वकर्मा !

जय विश्वकर्मा !

कोई कहता इंजीनियर और कोई कलाकार,
कोई शिल्पकार कहे और कोई वास्तुकार,
कोई कहता इंजीनियर और कोई कलाकार,
कोई शिल्पकार कहे और कोई वास्तुकार,
मैं तो बोलूं देवा के कर के जय जयकार,
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०२
कोई कहता इंजीनियर और कलाकार,
कोई शिल्पकार कहे और कोई वास्तुकार,
मैं तो बोलूं देवा के कर के जय जयकार,
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०२

स्वर्ग के महलों को बाबा बनाये,
द्वारिका नगरी भी वो हीं बसायें,
जय हो , जय हो !

स्वर्ग के महलों को बाबा बनाये,
द्वारिका नगरी भी वो हीं बसायें,
तेरे स्वर्ण लंका को देखे संसार-०२
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०२

जय विश्वकर्मा !

जय विश्वकर्मा !

शिव जी का त्रिशूल जिसने बनाया,
विष्णु जी का चक्र भी उसने घुमाया,
जय हो, जय हो !

शिव जी का त्रिशूल जिसने बनाया,
विष्णु जी का चक्र भी उसने घुमाया,
देवों के लिए करते वो तो आविष्कार-०२
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०२

सत्रह सितम्बर का दिन जब है आता,
औजार मशीनों को पूजा है जाता,
जय हो, जय हो !

और इस भजन को भी देखें: विश्वकर्मा जी के महिमा महान बा

सत्रह सितम्बर का दिन जब है आता,
औजार मशीनों को पूजा है जाता,
तेरी भक्ति के बिन ये सब है बेकार-०२
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०२
कोई कहता इंजीनियर और कोई कलाकार,
कोई शिल्पकार कहे और कोई वास्तुकार,
कोई कहता इंजीनियर और कोई कलाकार,
कोई शिल्पकार कहे और कोई वास्तुकार,
मैं तो बोलूं देवा के कर के जय जयकार,
बाबा विश्वकर्मा की महिमा अपरम्पार-०४


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