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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

tere dar pe aaya shambhu
शिवजी भजन

तेरे दर पे आया शंभू

शिवजी भजन

खोलो समाधी भोले शंकर मुझे दर्श दिखा दो

शिवजी भजन

बदल गए औघड़ दानी कष्ट है कितना कावड़ियों को ये जानन की ठानी

शिवजी भजन

शिव की नगरी का सूंदर नजारा बड़ा

शिवजी भजन

भटक रहा है राहें आदमी आजा आजा महादेव

शिवजी भजन

ऐसी चिलम बना दे रे भोले

शिवजी भजन

आता रहूं गाता रहूं मेरे बाबा तुझको रिझाता रहूं

शिवजी भजन

तू लायक तो बन बन्दे

शिवजी भजन

निराले तेरे खेल निराले डम डम डमरू वाले

शिवजी भजन

थारी जय हो भोलेनाथ में वारी जाऊ चरणा में

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