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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

माँ दुर्गा भजन

जय जय जय गिरिराज किशोरी

माँ दुर्गा भजन

ल्याया थारी चुनरी , करियो माँ स्वीकार

माँ दुर्गा भजन

ऊंचे ऊंचे पर्वत पे मैया तेरा ही बसेरा है

माँ दुर्गा भजन

माँ काली से सच्ची प्रीत लगा के देख ले

माँ दुर्गा भजन

मैया रानी जो आने का वादा करो मै यूँहीं रोज कुटिया सजाता रहूं

माँ दुर्गा भजन

तेरा विछोड़ा दातिए हूँ मथो सीहा न जाये

माँ दुर्गा भजन

जगमग जगमग दिया बरत हे अम्बा की आरती होवय हो माँ

माँ दुर्गा भजन

दूर करो दुःख दर्द सब दया करो हे माँ

माँ दुर्गा भजन

बोलो माँ के जयकारे, मिट जाये संकट सारे

माँ दुर्गा भजन

ऐसा बंधन हो अपना तू सदा रहे मेरे साथ

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