Skip to content
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

माँ दुर्गा भजन

वैष्णवी भवानी माँ के हाथों में जग की डोर

माँ दुर्गा भजन

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं

माँ दुर्गा भजन

जगराते वालिये तेरी जय जयकार

माँ दुर्गा भजन

पते पते विच शेरावाली माई

माँ दुर्गा भजन

भवानी तेरे दर को छोड़कर किस दर को जाऊँ मैं

माँ दुर्गा भजन

शाकम्भरी माता महामंत्र

माँ दुर्गा भजन

मैया तेरे भगतो ने दरबार सजाया है

माँ दुर्गा भजन

मेरी पूजा कर स्वीकार माँ तेरी लाल चुनरिया ले आई

माँ दुर्गा भजन

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी

माँ दुर्गा भजन

तेरा भवन है रंग बिरंगा वगे चरना दे विच गंगा

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 834 835 836 837 838 … 1,275 Next PageNext
Scroll to top
  • नवीनतम भजन
  • भजन जोड़ने के लिए निर्देश
  • भजन जोड़ें
Search