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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

करो तो आछी करो और बुरी विचारो नाय

tere naam ka sagar hai
श्री कृष्ण भजन

तेरे नाम का सागर है

he ram tumhein pukarun main
श्री राम भजन

हे राम तुम्हें पुकारूँ मैं

विविध भजन

बचपन की यादो में खोया

विविध भजन

तनधारी जग में अवधु कोई नहीं सुखिया रे

विविध भजन

कंचन वाली काया

विविध भजन

आओ सब मिलकर योग करे

विविध भजन

ओ टॉड गड़ वाले हम आये तेरे द्वारे

विविध भजन

कौन सा मंत्र जपूं मैं भगवन

विविध भजन

जीवन है पानी की बूँद कब मिट जाए रे

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