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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

सोने वाले जाग जा संसार मुसाफिर खाना है

विविध भजन

जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी

विविध भजन

दीन बंधू दीनानाथ मोरी सुध लीजिये

विविध भजन

हे विष्णु के अवतार बाबा गंगाराम

विविध भजन

तमाम उम्र तेरा इंतजार हमने किया

विविध भजन

इंतज़ाम कर दिया है तुमने रोज़ी रोटी का

विविध भजन

चल हंसा उस देश समद जहा मोती

विविध भजन

सभा है भरी भगवन

विविध भजन

छैल चतुर रंग रसिया रै भँवरा

विविध भजन

कभी कभी खुद से बोलो

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