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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान

विविध भजन

ये मत कहो खुदा से मेरी मुश्किलें बड़ी हैं

विविध भजन

दुनिया से मैं हारा हूँ

विविध भजन

मुक्ति का कोई तूँ जतन करले

विविध भजन

हमको मन की शक्ति देना मन विजय करे

विविध भजन

दया कर दान विद्या का हमे परमात्मा देना

विविध भजन

तेरी पनाह में हमे रखना सीखे हम नेक राह पर चलना

विविध भजन

प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए

विविध भजन

कौन ठगवा नगरीय लूटल हो

विविध भजन

अमृत वेला होया तू ता सोया होया

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