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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

चार चीज़ जब उलटी चल जाएं

sabra tut raha hai b to aa ja bhole
विविध भजन

सब्र टूट रहा है अब तो आ जा भोले

kanha jo saath ho
श्री कृष्ण भजन

कान्हा जो साथ हो

विविध भजन

खड़ा निज नाथ सेवा में

विविध भजन

झोली तो भर गई है नियत भरी नहीं है

श्री कृष्ण भजन

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु

श्री कृष्ण भजन

माला फेरो नी राजी राजी मारा भुड़ा माजी

विविध भजन

मरुधर में ज्योत जगाय गयो

विविध भजन

लग गयी फकीरा नाल

विविध भजन

प्रभु तेरे चरणों का वंदन

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