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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

श्री साईं भजन

यूँ ही नहीं पूजते है लोग ज़माने वाले

श्री साईं भजन

कहने दो कहने दो साई का दीवाना मुझे कहने दो

श्री साईं भजन

नहीं छड़ना कदी नहीं छड़ना

श्री साईं भजन

कितनो को साई तुमने तार दियां तार दियां

श्री साईं भजन

शिरडी में मेरे बाबा के चल कर के जो आ गया

श्री साईं भजन

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी

श्री साईं भजन

मुझे मस्त बनाया साई ने

श्री साईं भजन

तेरे दर्श को अखियां प्यासी

श्री साईं भजन

साई जोगियां जोगियां साई जोगियां

श्री साईं भजन

साई बाबा के द्वारे लो हम भी आ गये

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