अंबे माँ झूला झूलती उँचे पहाड़ो में नवरातो की पवन बहारो में
अंबे माँ देखो माँ झूलती
उँचे पहाड़ो में अंबे माँ
नवरातो की पवन बहारो में
देखो फूलो से सुंदर सजी दलिया
झूला झूले यहा देखो नौ देविया
बरसे नवरंग कैसे नजारो में
अंबे माँ देखो माँ झूलती
उँचे पहाड़ो में अंबे माँ
गाये रही है मल्लहरी यहा जोगानी
लागे मैया की झाँकी तो मान भवानी
ऐसी आभा नही चाँद तारो में
अंबे माँ देखो माँ झूलती
उँचे पहाड़ो में अंबे माँ ओ माँ
बह रही है सुंगंधित पवन भी यहा
माँ के दरबार जैसी है शोभा कहा
रागनी गये भावरे कतारो में
अंबे मा देखो मा झूलती
उँचे पहाड़ो में अंबे माँ ओ माँ
नवरतो की पवन बहारो में

