ऐसी नज़र बना दे तुझे हर जगह मैं पाउ
ऐसी नज़र बना दे तुझे हर जगह मैं पाउ
एक पल भी तू ना बिसरे मैं नाम तेरा गाऊ ।।धर्म और श्रद्धा
ऐसी नज़र बना दे तुझे हर जगह मैं पाउ
एक पल भी तू ना बिसरे मैं नाम तेरा गाऊ।।
तेरा नाम मेरे मुख से सारे जाग ने सुन लिया है
कोई खार ले गया है मैने फूल चुन लिया है।।
इस बाग से बिछड़ के मैं बाहर कही ना जौ
ऐसी नज़र बना दे मैं हर जगह मैं पाउ।।
ऐसी नज़र बना दे तुझे हर जगह मैं पाउ
एक पल भी तू ना बिसरे मैं नाम तेरा गाऊ।।



