ऐसी लागी राम की मस्ती l राम नाम की मस्ती
ऐसी लागी राम की मस्ती,
ऐसी लागी राम की मस्ती, भूल गया मैं अपनी हस्ती,
ऐसी लागी राम की मस्ती।
ऐसी लागी राम की मस्ती, भूल गया मैं अपनी हस्ती,
लोग कहे मैं हुआ बाबरा, राम नाम की लूटी कस्ती,
ऐसी लागी राम की मस्ती।
ना मैं पीता ना मैं पिलाता, राम नाम का प्याला सुहाता,
चढ़ गया रंग रघुवर का ऐसा, दूजा रंग चढ़ने ना पाता,
भीतर हलचल बहार शांति, राम नाम की उतरी कांति,
दुनिया डोल रही है डोले, मेरी नाव किनारे लगती।
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एक तरह की तार पुकारे, राम नाम के चमके सितारे,
पाँव थिरकते मन भी नाचे, राम नाम की बहते धारे,
मजहब जात की तोड़ दी डोरी, राम नाम से नाता जोड़ी,
खाली झोली भर गई मेरी, नाम की दौलत सबसे सस्ती,
राम राम राम राम, मस्ती राम की मस्ती,
राम राम राम राम, मस्ती राम की मस्ती।
छोड़ दिया सब मान और माया, राम नाम का साया पाया,
महल ये तेरे मिटटी लागे, जबसे राम का दर्शन पाया,
जो भी चख ले इस रस को रे, भूल जाए वो इस कस को रे,
अमृत बरस रहा है भीतर, खुली प्रेम की बंद ये खिड़की,
जबतक दम है, तबतक गाऊं, राम नाम में मैं मिल जाऊं,
ना कोई फिक्र है ना कोई गम है, राम की मस्ती सबसे उत्तम है,
ऐसी लागी राम की मस्ती, भूल गया मैं अपनी हस्ती,
जय श्री राम, जय जय श्री राम,
राम राम राम, मस्ती मस्ती मस्ती
राम राम राम, मस्ती मस्ती मस्ती
राम राम राम, मस्ती मस्ती

