ऐलान कर रहा हु मैं डंके की चोट पर

  • ailaan kar rah hu main danke ki chot par

ऎलान कर रहा हु मैं डंके की चोट पर,
मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

जायेगे पैसे वाले भी झोली पसार कर,
जायेगे महाराजा यहाँ ताज उतर कर,
बैठे रहेगे चरणों में दरबार छोड़ कर,
मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

गुजरे गे जिस गली से ये पैगाम मिले गा,
सबकी जुबा पे साई का नाम मिले गा,
झंडे गड़े के देखो विदेशो की रोड पर,
मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

दुनिया के कोने कोने से सब जान जाये गे,
मेरे साई की महिमा को पहचान जायेगे,
तस्वीर भी छपे गी सरकारी नोट पर,
मदिर बने गा साई का हर एक मोड़ पर,

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